नाम →
इसे बालातिसार ( इन्फेन्टाइल डायरिया ) भी कहते हैं ।
परिचय →
दस्त में पाखाना कई बार ( प्रतिदिन 4 बार से अधिक ) , बदबूदार , पतला , कभी - कभार हरे रंग का और ऑव के साथ होता है । मल में अपच दही के कतरे भी दिखायी देते हैं । पेचिश में , मल में ऑव और रक्त दोनों उपस्थित रहते हैं ।
रोग के कारण →
• वाइरस ( Virus ) , बैक्टीरिया ( Bacteria ) एवं प्राटोजोआ ( जियारडियासिस / अमीबियासिस ) ।
• ओटाइटिस मीडिया , मेस्टाइटिस , मेनिन्जाइटिस एवं दाँत निकलने के कारण ।
• भोजन सम्बन्धी कारण ।
रोग के लक्षण →
• साधारण दस्त - इस स्थिति में हल्का ज्वर ।
• कभी - कभी चिड़चिड़ाहट और अनिद्रा के लक्षण ।
• दस्त 2 से 10 बार तक शरीर का वजन लगभग 10 % कम ।
• पानी की कमी आदि ।
• अधिक दस्त - तेज ज्वर ।
• भूख नहीं लगती ।
• मरोड़ ।
• मल में पित्त और ऑव तथा रक्त मिला होना ।
• 2 - 30 बार तक पाखाना आदि लक्षण गम्भीर स्थिति को दर्शाते हैं ।
० शरीर में पानी की कमी और निर्जलीभवन के कारण त्वचा तथा ऑठ सूख जाते हैं ।० नाड़ी क्षीण तथा हृदय की गति तेज ।० फौन्टानेल और आँखें भीतर की ओर धंस जाती हैं ।० पेशाब की मात्रा कम हो जाती है ।० वजन 15 - 25 प्रतिशत कम हो जाती है ।
डाइटैटिक डायरिया में →
• अधिक चर्बी के कारण उत्पन्न अतिसार में मल पतला , दही के थक्कों की भाँति गंधयुक्त होता है ।
• कार्बोहाइड्रेट्स की अधिकता से मल पतला , हरे रंग का झागदार , खटासयुक्त होता है ।
इन्फेक्टिव डायरिया - दस्तों की शुरूआत पतले अतिसार की तरह हरे रंग से युक्त । साथ ही मल ही के थक्के एवं म्यूकस के साथ । दस्तों की संख्या 2 - 10 तक । इसके साथ थोड़ा ज्वर भी होता है ।
• गम्भीर रोग में तेजी के साथ निर्जलीकरण ( डिहाइड्रेशन ) होता है ।
पानी की कमी के लक्षण →
• प्यास व मुँह सूखना ।
• भीतर धँसे हुए फॉन्टानेल ।
• धंसी हुई आँखें ।
• नाड़ी तेज व कमजोर ।
• पेशाब कम या नहीं होना ।
• हाथ पैर ठंडे होना ।
• त्वचा को नोंचकर छोड़ने पर 2 सेकेण्ड से अधिक के समय में सामान्य होना ।
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•• डायरिया की औषधि - व्यवस्था →
1 . मौखिक रूप से खनिज तथा पानी देना - सर्वप्रथम शरीर में उत्पन्न पानी और खनिज तत्वों की क्षतिपूर्ति करनी चाहिये । इसके लिये विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO ) ने नीचे बताया गया पाउडर मौखिक रूप ( Oraly ) से देना अनिवार्य किया है,
पाउडर के विभिन्न अंश एव मात्रा →
→ सोडियम क्लोराइड ( खाने वाला नमक ) - 3 . 5 ग्राम
→ सोडियम बाई कार्बोनट ( खाने वाला सोडा ) - 2 . 5 ग्राम
→ पोटेशियम क्लोराइड - 1 . 5 ग्राम
→ ग्लूकोज ( डेक्स्ट्रोज ) - 20 ग्राम
→ साफ पानी - 1 लीटर
• आमतौर से बच्चों को 300 मि . ली . घोल प्रति 4 घण्टे पर पिलावें । साधारण दस्त में 50 मि . ली . घोल प्रति किलो शरीर भार के अनुसार पिलावें ।
• गम्भीर रूप से शरीर में पानी की कमी होने से 100 मि . ली . घोल प्रति किलो वजन के हिसाब से पिलावें । ।
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2 . जरूरत के अनुसार ही दूध पिलाना - बालक को माँ का दूध , मलाई रहित दूध ( Skimmed milk ) या गाय का दूध आधा पानी मिलाकर पिलाना चाहिये ।
नोट -• दस्तों में दूध न पिलाना एक गलत परम्परा है । ।• पानी की कमी से बालक की मृत्यु हो जाती है ।• बालक की गम्भीर अवस्था में तत्काल पानी ( तरल ) और खनिज लवण I / V दिये जाते हैं ।• बालक को दही , सेवफल एवं केला खिलाना विशेष लाभदायक होता है ।
3 . दवाइयाँ - दस्त के कारण की जानकारी पाखाने की जाँच और संवर्धन ( Culture ) के द्वारा । उसके अनुसार जीवाणुनाशक दवाइयाँ दी जाती हैं ।
• ई .कोलाई के द्वारा संक्रमण होने पर — नियोमाइसीन उपयुक्त ।
• बेसिलरी पेचिस में - सल्फाग्वानेडीन एवं दूसरी सल्फा ग्रुप की औषधियाँ ।
• अमीबिक पेचिस में - मेट्रोनिडाजाल एवं टिनिडाजोल असरदार हैं ।
• जियार्डिया होने पर - फ्यूराजोलिडीन ( Furaziolidine ) ।
•• उपरोक्त दवाइयों के साथ पैक्टिन ( Pectin ) , केओलिन एवं मरोड़ दूर करने के लिये दर्द निवारक दवाइयाँ भी दी जाती हैं ।
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साधारण अतिसारों में - बैक्टोसैप्ट सस्पेन्शन ( Bactosept Suspension - रैनबक्शी ) 1 / 4 चाय चम्मच आयु के अनुसार 6 घण्टे बाद 5 - 7 दिन तक दें । ।
किसी भी प्रकार के अतिसारों में - क्लोरम्बीन सस्पेन्शन ( Chlorambin Susp . ) ' ए . एफ . डी . ' , बैक्ट्रिम डी . एस . सस्पेन्शन , बैस्कोट्रिम - पी के ( Bescotrim - P . K . ) ब्लू शील्ड कं . औषधियाँ लाभकारी हैं ।
यदि अतिसार के साथ बच्चे को ज्वर भी हो तो — इन्जेक्शन बिस्ट्रेपिन ( Ini . Bistrepen ) एलेम्बिक 1 / 2 ग्राम की चौथाई या आधी मात्रा प्रातः सायं दें । या इन्जे . जेण्टीसिन ( In . Genticvn - निकोलस ) 10 - 20 मि . ग्रा . तक चौथाई या आधा इन्जेक्शन प्रातः सायं 3 से 5 दिन तक दें ।
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• निर्जलीकरण की अवस्था में - चीनी 1 चम्मच , खाने वाला नमक 1 / 4 चम्मच , सोडा बाई कार्ब 1 / 4 चम्मच , पानी 200 मि . ली . में घोल लें । पानी को उबाल कर पहले से ही ठंडा कर लें । इस घोल को 1 - 1 घण्टे बाद दिन में 60 - 100 मि . ली . तक दें । अन्य द्रव नीबू , पानी तथा नमक के साथ , सन्तरे का रस , सेब का रस , लेक्लाइट पाउडर ( एल्बर्ट डेविड ) , एमलाइट ( Emlve - MM . Labs ) , इलेक्ट्राल ( Electral F . D . C ) आदि दें । सर्दियों में सेब तथा सन्तरे का रस निकालने से पहले कुछ देर तक गर्म पानी में डुबा लेना चाहिये । अस्पतालों में ORR का पैकिट उपलब्ध होता है ।
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• बच्चे के लिये द्रव की मात्रा इस प्रकार से -
•• द्रव की मात्रा 200 मि . ली . प्रति किलो शरीर भार के अनुसार एक दिन के लिये होना चाहिये । यह ग्लूकोज तथा सैलाइन के रूप में होनी चाहिये । ग्लूकोज विद सैलाइन ( 5 % ) का 1 भाग तथा ग्लूकोज ( अकेला 5 % ) के 2 भाग मिलाकर दिये जायें । यदि उल्टी न हो तो कुल द्रव का आधा भाग मुख द्वारा भी दे सकते हैं ।
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नोट -
• बच्चे को पेट ( Abdomen ) की त्वचा में ( Subcut . ) द्रव दिया जाता है । इसके लिये एकएम्पुल हाइलेज ( Hyalase ) नि . रैलीज को बोतल में डाल लें ।
सावधान - ० ड्रिप सैट में महीन नीडिल का उपयोग करें । साथ की नहीं ।० कार्य में पूर्ण स्वच्छता आवश्यक ।
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०• डायरिया में आहार व्यवस्था •०
अतिसार की चिकित्सा के लिये बच्चे के आहार पर विशेष ध्यान देना चाहिये । औषधि चिकित्सा उस समय दी जाय , जब आहार सम्बन्धी सावधानियों से लाभ न हो ।
आहार व्यवस्था इस प्रकार से →
० अधिक ग्लूकोज का मुख द्वारा सेवन न करायें ।
० आहार में अधिक चीनी तथा वसा ( Fats ) का प्रयोग न करें ।
० चावल , साबूदाना तथा अन्य कार्बोहाइड्रेटस की अधिकता भी अच्छी नहीं ।
० यदि बालक माँ का दूध पीता है तो दूध पिलाने से पूर्व पानी 1 - 2 चम्मच पिला दिया जाय ।
० अतिसार के समय - मुसम्मी का रस । संतरे का रस । नमक डालकर हल्की पत्ती की । चाय । नीबू का पानी नमक डालकर । जौ का पानी । चावल का पानी । केला । सेब का रस आदि बच्चे को दें ।
० बोतल से दूध पीने वाले बच्चों को लेक्टोडेक्स ( Lactodex ) पाउडर या ' लेक्टोजन ( Lactogen ) आदि उबले हुए ठंडे पानी में घोलकर दिया जाये ।
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•• बच्चों के डायरिया में सेवन कराने योग्य अपडेट ऐलो . पेटेन्ट सीरप ••
1 . बेक्टोमेट ( Bactomet ) ' बिन मेडिकेअर ' - बालक 3 से 18 माह 1 / 2 चम्मच दिन में 2 - 4 बार नित्य दें । 18 मास से 3 साल 1 चम्मच दिन में 2 - 3 बार । 3 - 6 माह । चम्मच दिन में 3 - 4 बार नित्य दें ।
नोट -
• 3 माह से नीचे के शिशुओं में प्रयोग न करें ।
• सभी को 5 - 7 दिन तक दें । ,
2 . क्लोरम्बिन ( Chlorambin ) ए . एफ . डी - 1 चम्मच दिन में 4 बार । 2 साल तक के शिशुओं को 1 / 2 - 1 चम्मच दिन में 4 बार दें । ।
3 . डिपेण्डाल – एम ( Dipendal - M ) S . K . F . कं . - बालक 1 साल तक 1 / 2 चम्मच , 1 से 5 साल वालों को 2 चम्मच एवं 5 साल से ऊपर वालों को 4 चम्मच ( 29 m . l ) । सभी को दिन में 3 बार दें ।
• अमीबियासिस , बेसीलरी डिसेण्ट्री , जियार्डियासिस आदि में ।
4 . डायरलोप ( Diarlop ) ओरल सस्पेन्शन नि , जगसन पाल - 0 . 48 मि . ग्रा . / किलो शरीर भार पर 6 विभाजित मात्राओं में ।
नोट - डायरलोप प्लस ( Diarlop Plus ) भी आता है ।
5 . डिस्फर - एम ( Dysfur - M ) सस्पेन्शन B . E . Co . - शिशु 1 साल तक 1 / 2 चम्मच । बालक 1 - 4 साल 1 चम्मच । 5 साल से ऊपर वालों को 2 चम्मच प्रति 6 घण्टे पर ।
6 . ग्रामोजिल सस्पेन्शन ( Gramogyl Suspension ) ' स्टेनकेअर ' - 3 साल तक के बालक 1 / 2 चम्मच । - 6 साल 1 चम्मच , 17 से 12 साल 2 चम्मच । प्रत्येक को दिन में - 4 बार 7 - 10 दिन तक ।
7 . ग्रामोनेग ( Gramoneg ) सीरप - बालक 60 मि . ग्रा . / किलो शरीर भार पर विभाजित मात्रा में 7 दिन तक ।
8 . रैनवक्शीं काल्टिन विद निओमाइसिन ( Kaltin with Neomycin ) एब्बोट - शिशु 1 चम्मच । बालक 2 - 6 साल 3 चम्मच । बड़ी उम्र के बालकों को 6 चम्मच दिन में 4 - 6 बार दें ।
9 . लोपेस्टाल ( Lopestal ) सस्पेन्शन साराभाई - विवरण पत्र के अनुसार । सहायक औषधि के रूप में ।
10 . पेसलिन – ओ ( Pesulin - O ) सस्पेन्शन केडिला - इन्फेक्टिव डायरिया में बालक 1 चम्मच दिन में 2 - 3 बार । शिशु 5 - 10 बूंद नित्य ।
11 . बालामाइसिन ( Walamycin ) सस्पे .‘ वलेसी - शिशुओं के बैक्टीरियल डायरिया में 5 - 15 मि . ग्रा . । किलो शरीर भार पर 3 विभाजित मात्राओं में ।
12 . विण्टोमाइलोन ( Wintomylon Susp . ) । बिन - मेडिकेअर - बालक 55 मि . ग्रा . / किलो शरीर भार पर नित्य विभाजित मात्रा में 5 - 7 दिन तक ।
सावधान - 3 माह से नीचे के शिशुओं में प्रयोग न करें ।
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•• डायरिया नाशक उपयुक्त व्यवस्था पत्र ••
Rx
• पहले 12 घण्टे तक भोजन में कुछ न दें । परन्तु हल्का इलेक्ट्रोलाइट सोल्यूशन या ग्लूकोज सैलाइन मिक्सचर प्रति 3 घंटे पर । कुछ न हो तो दाल का पानी या चावल का पानी , हल्की चाय का पानी , नारियल का पानी दें ।
• 24 घण्टे बाद हल्के दूध का मिश्रण या मट्ठा दें ।
• सेप्ट्रान सस्पेन्शन 1 - 1 चम्मच दिन में 4 बार ।
• काल्टीन सीरप 1 - 1 चम्मच दिन में 3 बार । ।
• फ्यूराजोलिडीन 25 - 50 मि . ग्रा . दिन में 4 बार गम्भीर डिहाइड्रेशन में आई . वी . ड्रिप द्वारा ।
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बाल रोग ( PEDIATRICS )
