हिमदाह / शीत क्षति ( फ्रोस्ट बाइट - Frost Bite ]
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| हिमदाह / शीत क्षति ( फ्रोस्ट बाइट - Frost Bite ] |
परिचय -
अधिक ठंड के कारण त्वचा पर होने वाली सतही क्षति को ' शीत क्षति ' या ' फ्रोस्ट बाइट कहते हैं । जब वायुमण्डल का तापक्रम शून्य डिग्री से नीचे चला जाता है तब हवा में अधिक शीत लहर बढ़ जाती है जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि हाथ पैर की अंगुलियाँ , नाक , कान या ढूडडी कटकर शरीर से अलग हो जायेंगे और यह अंग शून्य हो जाते हैं । यदि हाथों में तंग दस्ताने पहने हों तो उंगलियों के सिरे भी प्रभावित हो सकते हैं । यदि पाँवों में तग मौजे या जूते पहने हैं तो पावों की उंगलियों और त्वचा भी प्रभावित हो सकती हैं ।
रोग के कारण -
• अत्यधिक शारीरिक परिश्रम । ।
• लंबे समय से आ रहे किसी रोग के कारण आयी दुर्बलता से । ।
• अस्वस्थता । ।
• चिरकालीन मदात्य और लगातार अनशन करने से शरीर पर शीत का प्रभाव अधिक पड़ता है । ।
• बाल्यावस्था और वृद्धावस्था और अधिक समय तक शीत में रहने से अल्पशक्ति वाले व्यक्तियों को । ।
लक्षण एवं चिन्ह -
• प्रभावित भाग ठंडा एवं दर्दमय । ।
• तेज चुभन एवं झुनझुनी के संवेदन के साथ सुन्नपन । ।
• ठंडे से निरन्तर सम्पर्क का इतिहास । ।
• हाथ - पैरों में शून्यता , सनसनाहट एवं जलन ।
• त्वचा का रंग सफेद या पीला । ।
• शोथ( सूजन ) का मिलना । ।
• ठंड के कारण रक्तवाहिनियों के संकुचित होने से प्रभावित क्षेत्र की | रक्तपूर्ति बंद । ।
विशेष लक्षण - ऐसे में गेन्ग्रीन ( Gangrene ) होने का खतरा । ।
•• आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था — इस प्रकार से →
• शरीर पर पहनी हुई सभी तंग वस्तुयें जैसे अंगूठी , दस्ताने , मोजे एवं जूते आदि निकाल दें ।
• रोगी को कम्बलों से ढककर आरामदायक स्थिति में लिटायें ।
• गर्म हवा या पानी द्वारा रोगी को पुनः धीरे - धीरे गर्मी पहुँचायें ।
• दर्द के लिये दर्दनाशक औषधि - डिस्प्रिन ( Disprin ) ।
• समस्त शरीर में गरम तेल की मालिश ।
• रोगी को चाय , कॉफी , ब्राण्डी तथा गरम दूध पिलाना उपयुक्त ।
• यदि रोगी अधिक उच्च भू - भाग ( पहाड़ी क्षेत्र ) का हो तो ऑक्सीजन ।
• ऐसी औषधियाँ दें जिससे रक्तवाहिनियाँ प्रसारित हों और अधिक से अधिक उनमें रक्तं संचार हो सके । जैसे - प्रिस्कोफेन ( Prescophen ) , प्रिसकोल ( Prescol ) , कोम्प्लामिना ( Complamina ) , अलिडीन ( Arlidin ) एवं डुआडाइलान ( Duadilan ) की गोली या इन्जेक्शन आवश्यकतानुसार ।
• टेटनस टोक्साइड का 1 मि . ली . ( 1 c . c . ) का इन्जेक्शन तुरन्त ।
• खुले घावों में एण्टीबायोटिक्स , सेप्टरान की 2 - 2 टेबलेट प्रातः सायं 5 दिन तक ।
निरोध -
• ठंडी के समय पर्याप्त ऊनी वस्त्र पहनें ।
• हाथों में दस्ताने , पैरों में ऊनी मोजे , सिर पर कनटोप एवं बूट - जूता पहनना चाहिये ।
• गरम जल पीना एवं शरीर पर गरम तेल की मालिश ।
• उष्ण वातावरण में निवास ।
