स्त्रियों के मासिक धर्म से पूर्व होने वाली पीड़ा को मासिक धर्म पूर्व तनाव संज्ञा दी जाती है । ऐसा प्रायः 50 % महिलाओं में देखने को मिलता है ।
• संवेगात्मक अस्थिरता ।
• स्त्री की परिवेशगत परिस्थितियाँ ।
• यौन - जीवन । ।
• शरीर में पानी की अतिरिक्त मात्रा ( Etracellular water throught the Body ) ।
• ईस्ट्रोजन की अधिकता का परिणाम । ।
• एड्रीनल केटिकिल फंकशन के कुछ साइकिलीकल विकार । ।
• 2 - 3 किलो तक भार में अमान्य वृद्धि ।
• नेत्र - गुहा , कक्षा , स्तन तथा टखनों पर शोफ । ।
• श्रोणि , सिर एवं स्तनों में पीड़ा ।
• संवेगात्मक स्थिरता , चिड़चिड़ापन , चिन्ता , अवसाद , अनिद्रा एवं मलावरोध । ।
• दुर्घटना एवं आत्महत्या करने की सम्भावना अधिक ।
• सेलाइन पगेटिव , अमोनियम क्लोराइड एवं तीव्र शक्ति वाले मुमल “ यथा क्लोरथायाजाइड ( Chlorthiazide ) की केवल मात्रा 250 मि . ग्रा . लक्षण प्रारम्भ से लेकर मासिक धर्म समाप्त होने तक ।
• मेथिल टेस्टोस्टेरोन ( Methyl testosterone ) 10 मि . ग्रा . रोजाना मासिक चूक के मध्य से ( In he lashalf of the cycle ) ।
• मासिक धर्म के समय के दर्द में ( For menstrual migraine ) अर्गोटामीन ( Eragotamine ) टारट्रेट 10 मि . ग्रा . दें । ' ।
• उचित आश्वासन दें ।
• रुग्णा को पूर्ण आश्वासन दें ।
• प्रोजेस्टेरोन की कमी में - नोर - इथीस्टेरान ( Nor - ctlhisterone ) 5 मि . ग्रा . की मात्रा में दिन में 2 बार ।
• मूत्रावरोध के लिये - फूसेमाइड ( Frusemide ) अथवा क्लोरथायाजाइड ( Chlorthiazide ) 2 दिन पहले से । →
• सिर दर्द के लिये – अर्गोटामीन 1 - 6 मि . ग्रा . अथवा अन्य वेदनाहर ।
• शामक एवं निद्राकर यथा - डायजिपाम / लारजीपाम अथवा मेंप्रोवामेट ( Meprobamate ) रात सोते समय । ।
रोग के कारण -
• असामान्य भार वृद्धि ।• संवेगात्मक अस्थिरता ।
• स्त्री की परिवेशगत परिस्थितियाँ ।
• यौन - जीवन । ।
• शरीर में पानी की अतिरिक्त मात्रा ( Etracellular water throught the Body ) ।
• ईस्ट्रोजन की अधिकता का परिणाम । ।
• एड्रीनल केटिकिल फंकशन के कुछ साइकिलीकल विकार । ।
रोग के लक्षण -
• उदर में आध्यमान एवं पेडू में भार की प्रतीति ।• 2 - 3 किलो तक भार में अमान्य वृद्धि ।
• नेत्र - गुहा , कक्षा , स्तन तथा टखनों पर शोफ । ।
• श्रोणि , सिर एवं स्तनों में पीड़ा ।
• संवेगात्मक स्थिरता , चिड़चिड़ापन , चिन्ता , अवसाद , अनिद्रा एवं मलावरोध । ।
• दुर्घटना एवं आत्महत्या करने की सम्भावना अधिक ।
•• मासिक धर्म पूर्व तनाव की चिकित्सा व्यवस्था →
• शरीर में अतिरिक्त जल की मात्रा को कम करने के लिये नमक रहित भोजन । मासिक धर्म के 10 दिन पहले से । ।• सेलाइन पगेटिव , अमोनियम क्लोराइड एवं तीव्र शक्ति वाले मुमल “ यथा क्लोरथायाजाइड ( Chlorthiazide ) की केवल मात्रा 250 मि . ग्रा . लक्षण प्रारम्भ से लेकर मासिक धर्म समाप्त होने तक ।
• मेथिल टेस्टोस्टेरोन ( Methyl testosterone ) 10 मि . ग्रा . रोजाना मासिक चूक के मध्य से ( In he lashalf of the cycle ) ।
• मासिक धर्म के समय के दर्द में ( For menstrual migraine ) अर्गोटामीन ( Eragotamine ) टारट्रेट 10 मि . ग्रा . दें । ' ।
• उचित आश्वासन दें ।
•• चिकित्सा अनार्तव या कष्टार्तव की तरह भी ••
चिकित्सा इस प्रकार से भी -• रुग्णा को पूर्ण आश्वासन दें ।
• प्रोजेस्टेरोन की कमी में - नोर - इथीस्टेरान ( Nor - ctlhisterone ) 5 मि . ग्रा . की मात्रा में दिन में 2 बार ।
• मूत्रावरोध के लिये - फूसेमाइड ( Frusemide ) अथवा क्लोरथायाजाइड ( Chlorthiazide ) 2 दिन पहले से । →
• सिर दर्द के लिये – अर्गोटामीन 1 - 6 मि . ग्रा . अथवा अन्य वेदनाहर ।
• शामक एवं निद्राकर यथा - डायजिपाम / लारजीपाम अथवा मेंप्रोवामेट ( Meprobamate ) रात सोते समय । ।
![मासिकधर्म पूर्व तनाव [ Premenstrual Tension ] क्यों हो जाता है ? क्या इसके कारण , लक्षण , एव चिकित्सा ? Why Premenstrual Tension? What causes it, symptoms, and medicine? मासिकधर्म पूर्व तनाव [ Premenstrual Tension ] क्यों हो जाता है ? क्या इसके कारण , लक्षण , एव चिकित्सा ? Why Premenstrual Tension? What causes it, symptoms, and medicine?](https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEiXcwWP9xjH0YHuw6afYFNkmuq-YdzGNiz-kdMy9kEAwB8Wv2__SCx2AdQ0BHSvGrx8LN6DEOSa1oqwfoFVe_yacyAkCa-HBsvsSR5359Gb8oXTcsTSxySIgqsXjoA9YPl3MTN2evSn0GGi/s640/woman-1958723_640.jpg)