परितारिका शोथ [ आइराइटिस - Iritis ] रोग के नाम , परिचय , कारण , लक्षण , चिकित्सा ? Irisitis [Iritis - Iritis] Name of disease, intake, cause, symptoms, therapy?

परितारिका शोथ [ आइराइटिस - Iritis ] 


परितारिका शोथ [ आइराइटिस - Iritis ] रोग के नाम , परिचय , कारण , लक्षण , चिकित्सा ? Irisitis [Iritis - Iritis] Name of disease, intake, cause, symptoms, therapy?
iritis

नाम

परितारिका शोथ । आँख के उपतारा की शोथ । तारामण्डल शोथ । 


परिचय - 

आँख के उपतारा (आईरिस) का प्रदाह( inflammation या संक्रमण ) , जो पीड़ा , प्रकाशसंत्रास( तीव्र प्रकाश को सहन कर पाना ) , प्यूपिल का संकुचन( सिकुड़न ) एवं आइरिस की रंगहीनता उत्पन्न करता है । 

' Inflammation of the Iris is called Iritis . '


रोग के कारण -

• आँख में चोट लगना ।

• नेत्रों से अधिक काम लेना एवं बारीक काम करना । 

• मसूड़ों में पीप / पायरिया रोग । 

• दाँतों में कीड़े ( कृमि दन्त ) । 

• तालुग्रन्थि के कीटाणुजन्य रोग( कीटाणुओ के कारण उत्प्पन होने वाले रोग ) । 

• यक्ष्मा( T B ) , उपदंश , सुजाक आदि विविध रोग । 

• पुराने संक्रामक घाव । 

• गठिया , मधुमेह , जीर्ण कब्ज , अजीर्ण अथवा आँत में सूजन ।


रोग के लक्षण -

• प्रायः एक नेत्र का उपतारा ही प्रभावित होता है । 

• अत्यन्त पीड़ा । 

• कॉर्निया के चारों तरफ रक्ताधिक्य( लालीपन ) । 

• उपतारा का वर्ण धुंधला । 

• पुतली सिकुड़ी हुई , शिथिल एवं टेढ़ी - मेढ़ी । 

• पीड़ित नेत्र में भिन्न दिखायी देता है एवं उसमें तीव्र दर्द , जो कनपटी और माथे तक जाता है । 

• प्रकाश और धूप सहन करने में असमर्थता । 

• कुछ दिनों में दृष्टि मंद । 

• कभी - कभी रोग पुराना होने पर दोनों आँखें प्रभावित हो जाती हैं ।
नोट -  • चिकित्सा न करने पर आँखों में जाला ( Opacity of Cornea ) पड़ जाता है या मोतिया बिन्दु उतरकर रोगी अन्धा हो जाता है । 

•• तारामण्डल शोथ ( Iritis ) की चिकित्सा ••



• नेत्रों का संरक्षण ( Protection ) आवश्यक । 

• पीड़ा के लिये डिस्प्रिन / एनाल्जिन - दिन में 3 बार । 

• एण्टी - इन्फ्ले मेटरी - जैसे - ब्रुफेन ( Brufen ) 1 - 1 टे . दिन में 3 बार । 

• सेप्ट्रान ' या ' एम्पीसिलीन का कोर्स दे  । 

• बीटामीथासोन 1/2 मि . ली . + मिडरीयाकेरिया इन्जे . 0 . 3 मि . ली , दोनों मिलाकर सबकन्जक्टाइवल इन्जेक्शन दे सकते हैं ।


स्थानीय चिकित्सा - 

एट्रोपीन आई ड्रॉप्स ( 1% ) 2 - 4 बूंद दिन में 3 - 4 बार डालें । । अथवा


बेटनीसाल / एल्यूकोर्ट ड्रॉप्स / सोफाकोर्ट आई ड्रॉप्स - दिन में 4 – 6 बार प्रभावित आँख में डालें ।  

• सोते समय बेटनीसोल आई आयन्टमेण्ट लगावें ।

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