कष्टार्तव डिस्मेनोरिया - Dysmenorrhoea ] के कारण, परिचय, लक्षण, एव इसकी चिकित्सा किस प्रकार की जा सकती है? Dysmenorrhoea - Causes, Introduction, Symptoms, and How can it be treated?

कष्टार्तव डिस्मेनोरिया - Dysmenorrhoea ] 

कष्टार्तव डिस्मेनोरिया - Dysmenorrhoea ]


नाम - कृच्छ्रार्तव , मासिक धर्म दर्द तथा कष्ट से आना । पीडाजनक मासिक धर्म । डिसमेनोरिह्या । Painful Menstruation. 

परिचय- Pain during menstruation . आर्तव काल अथवा मासिक धर्म के समय दर्द होना । 

- स्त्री रोगों में सर्वाधिक होने वाला रोग दर्द के साथ मासिक धर्म आना है और धनी स्त्रियों में यह कष्ट अधिक होता है । इसके साथ अन्य कोई अंग भी पीड़ित हो सकता है जिसका कारण पीड़ा होती है । यह दर्द ऐंठन की भाँति होती है जिसे डिस्मेनोरिह्या कहते हैं । 

रोग के कारण  - 1. कंजेस्टिव डिस्मेनोरिह्या - वास्त विक कारण स्वतंत्र तंत्रिका तंत्र की सिम्पेथेटिक व पैरासिम्पेथेटिक तंत्रिकाओं की क्रियाओं का असन्तुलन है । 

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2. स्पाज्मोडिक डिस्मेनोरिह्या  -. सर्वाधिक मिलने वाला कष्टार्तव है । मुख्य कारण प्रोजेस्टरोन का निरन्तर पीत - पिण्ड से निकलते माना जाता है ।

अन्य कारण - भय एवं चिन्ता , शारीरिक दुर्बलता , अन्तःस्रावी कारण । 

- पर वास्तविक कारण का अभी तक पता नहीं , वैज्ञानिक कारणों की खोज में प्रयासरत ।


रोग के लक्षण -  पीडायुक्त मासिक धर्म । 

- यौन भय ( फियर ऑफ सैक्स ) एवं असन्तुष्ट कामवासना । 

- बेचैनी एवं चिन्ता । 

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- दर्द की प्रतीति गर्भाशय में । 

- दर्द मासिक धर्म के तुरन्त प्रारम्भ के पूर्व या बाद में शुरू तथा 12 घण्टे तक रहता है। 

- दर्द की प्रकृति तीव्र ऐंठन जैसी जो पेट के निचले भाग हाइपोगैस्टियम से शुरू होता है । 

- दर्द जंघाओं के अंदर की ओर के भाग की तरफ जाता हुआ प्रतीत । घुटनों से नीचे कभी नहीं । 

- कभी - कभी हार्ट-बर्न और उल्टी भी । 

- रोगिणी चिन्तातुर एवं दुर्बल दीखता है ।


कष्टार्तव की चिकित्सा  - 1. सामान्य चिकित्सा ( General Treatment ) __ 

- सामान्य स्वास्थय सुधार एवं डिस्मेनोरिया के लिये निर्धारित व्यायाम का अभ्यास । 

- एनाल्जेसिक एण्ड एंटीस्पाजमोडिक्स ( Analgesics and Antispasmodics ) - एस्प्रिन , पैरासिटामोल एवं कोडीन के तमाम दवाओं का जरूरत के अनुसार  उपयोग । 

•  एण्टीस्पाज्मोडिक्स – मासिक धर्म के 2 दिन पूर्व एवं मासिक धर्म के 3 दिन बाद तक दें । जैसे - 
हायोसीन बूटिल ब्रोमाइड ( बुसकोपान- Buscopan ) 20 मि . ग्रा . दिन में 4 बार । 

अथवा - 

•  बैराल्गन ( Beralgan- होचेस्ट ) -1-1 टे . दिन में 3-4 बार । 

•  नॉन स्टेराइड्स एण्टी - इन्फ्लेमेटरी कम्पाउण्ड्स -

•  इबूप्रोफेन ( Ibuprofen ) 400 मि . ग्रा . दिन में 3 बार । 

•   नेप्रोक्सेन सोडियम ( Naproxen Sodium ) 250 मि.ग्रा . दिन में 2 बार । 

•  मेफानेमिक एसिड ( Mefanemic acid ) 250 मि . ग्रा . अथवा 500 मि . ग्रा . दिन में 4 बार । 

2. हार्मोन थेरापी ( harmone therapy ) __

•  ईस्ट्रोजन - जस्टरोन ओरल कण्ट्रासेप्टिव योग 1 टे. मासिक धर्म के 5 वें दिन से 25 वें दिन तक । 

3. शल्य चिकित्सा ( Surgical Treatment ) ___

• जब गम्भीर पीड़ा हो अथवा रुक - रुक कर होने वाली पीड़ा में । 

• जब मेडिकल चिकित्सा असफल हो । 

• इसकी चिकित्सा में कारणों का पता लगाकर मूल कारण की चिकित्सा की जाये तथा लक्षणानुसार दर्द निवारक आषधियाँ दी जावें । एण्टीस्पाजमोडिक का प्रयोग लाभकारी होती है । इसके लिये बेराल्गन ( हैक्सट ) अथवा एवाफोरटान ( Avafortan ) खण्डेलवाल की 1-1 टेबलेट आवश्यकतानुसार दें ।


मेडिकल प्रेस्क्रिप्शन ( Medical Priscription ) ,-

Rx

- गर्म सेंक ( Hot Fomentation ) । कमर के नीचे । 

- हायोसीबूटिल ब्रोमाइड ( Hyoscine butyl bromide ) 10-20 मि . ग्रा . दिन में 4 बार ओरली । 

अथवा -

- डिक्लोफेनेक ( Diclofenac ) 75-150 मि.ग्रा . रोजाना 2-3 मात्राओं में विभाजित कर मुख द्वारा । 

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- फ्रूसेमाइड ( Frusemide ) 20-40 मि . ग्रा . नित्य रोजाना मुख द्वारा । 

- ईस्ट्रिओल ( Oestriol ) 1 मि . ग्रा . रोजाना मुख द्वारा 2 सप्ताह तक दर्द से पर्व । अथवा दर्द प्रारम्भ होते ही । 

नोटमेफेनामिक एसिड ( Mefenamic Acid ) पी . डी . 250 मि . ग्रा . दिन में 3 बार । 

दर्द के लिये- टे . बराल्गन ( इन्जे . बेराल्गन 3 मि . ली . गम्भीर अवस्था में ) दिन में एक या दो बार । 

मेप्रोबामेट ( Meprobamate ) 400 मि . ग्रा . अथवा ट्रान्क्वाइलाइजर ( Tranquilliser ) 1 टे . सोते समय । 

सावधान - ' पेथीडीन अथवा मोर्फीन न दें , इससे आदत बन जाती है ।


- मासिक धर्म के समय पीड़ा  ( In between painful menses ) -->>   उत्तम आहार से स्वास्थ्य की उन्नति करें । खुली  हवा में व्यायाम । अनीमिया दूर करें । साथ ही - ईस्ट्रोजन + प्रोजेस्टरोन ओरल कण्ट्रासेप्टिव जैसे - ओवरल- ovral , प्राइमोन्लर- Primovlar , लिण्डियोल Lyndiol अथवा इसी प्रकार का कोई योग( combination ) की 1 टेबलेट रोजाना 5 से 25 वें अथवा 26 वें दिन तक ( मासिक चक्र के ) । सामान्य रूप से 6 कोर्स की आवश्यकता पड़ती है । 

याद रखिये - मेडिकल चिकित्सा के फेल होने पर सर्विक्स का डाइलेटेशन एवं कूरेटेज ओपरेशन ( Curettage operation ) की आवश्यकता होती है ।

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