अण्डकोष वृद्धि / वृषणकोष वृद्धि हाइड्रोसील [ Hydrocele ] ~ नाम, परिचय, रोग के कारण, रोग के लक्षण, रोग के लक्षण, रोग के परिणाम एवं उपयुक्त चिकित्सा विधि? Testicles growth / testicular growth hydrocele [Hydrocele] ~ Name, introduction, causes of disease, symptoms of disease, symptoms of disease, disease outcome and appropriate medical method?

अण्डकोष वृद्धि / वृषणकोष वृद्धि हाइड्रोसील [ Hydrocele ] 


अण्डकोष वृद्धि / वृषणकोष वृद्धि हाइड्रोसील [ Hydrocele ] ~ नाम, परिचय, रोग के कारण, रोग के लक्षण, रोग के लक्षण, रोग के परिणाम एवं उपयुक्त चिकित्सा विधि?   Testicles growth / testicular growth hydrocele [Hydrocele] ~ Name, introduction, causes of disease, symptoms of disease, symptoms of disease, disease outcome and appropriate medical method?
अण्डकोष वृद्धि / वृषणकोष वृद्धि हाइड्रोसील [ Hydrocele ] 

नाम

फोतों में जल भर जाना । 

परिचय

इस रोग में वृषणकोष ( Test iclesee ) अर्थात् ' फोता ' फूल कर बढ़ जाता है । साथ ही जल वृषण कोष में आ जाता है जो धीरे - धीरे बढ़ता ही रहता है ।

रोग के कारण

- सामान्यतः अधेड़ आयु में । 

- चोट लगने , साइकिल की सवारी , अथवा घुड़सवारी । 

- वृषण सम्बन्धी रोग ।  

- श्लीपद ( फाइलेरिया ) रोग । 

- स्थानिक शोथ( जैसे वृषण के आसपास के क्षेत्र में सूजन ) । 

- धातु क्षीणता( अत्यधिक वीर्य नाश ) एवं स्वास्थ्य भंग( खराब स्वास्थ्य का बने रहना ) । 

- सर्वांग शोथ( गुप्तांग के किसी हिस्से में किसी प्रकार के सूजन के लक्षण ) । 

- अनुपयुक्त हर्निया का ट्रस्ट पहिनना( वो भी बहुत अत्यधिक टाइट ) । 

- सुजाक रोग ।


रोग के लक्षण  - 

- वृषण कोष के दो भागों में से एक धीरे - धीरे फूलने लगता है । फूला हुआ वृषण कोष गोल अथवा गदइ की शक्ल का । 

- कम या अधिक जल उतरने के अनुसार छोटा या बड़ा हो सकता 

- छूने में लचीला एवं छूने से इसमें लहरें( टिश-टिश करता दर्द ) प्रतीत होती हैं । 

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- दर्द , सूजन , चलने में कष्ट , ज्वर( बुखार ) आदि लक्षण । 

- सन्तान उत्पन्न करने की शक्ति क्षीण । 

- कभी - कभी वृषण कोष वृद्धि में पीड़ा का अभाव( दर्द महसूस नही होना ) , परन्तु बढ़ जाने पर वृषण भारी हो जाने के कारण हर समय असुविधा ।


रोग के लक्षण - 

- जलती मोमबत्ती एक ओर रखने पर उसका प्रकाश अण्डकोष के दूसरी ओर पड़ता ।

- अंधेरे में इसके एक ओर टार्च लगाई जाये तो इसकी ओर से देखने पर फूला हुआ अण्डकोष अर्धपारदर्शक एवं लाल रंग का दिखायी पड़ता है ।


रोग के परिणाम

- इसमें सामान्य रुप से 50 ग्राम से लेकर 4 लीटर तक पानी पैदा होता है । 

- सन्तान उत्पन्न करने की शक्ति का लोप( खत्म हो जाना ) । 

- पानी निकाल देने पर भी बार - बार इकट्ठा हो जाता है ।

नोट - यदि वृषणकोष जल उतरने के बदले किसी दूसरे कारण से फूला होगा तो वह अर्ध - पारदर्शक के बदले अपारदर्शक जान पड़ेगा ।

• खूब बढ़ जाने पर अण्डकोष तरबूज की भाँति दिखायी देने लगत है ।
 

वृषणकोष वृद्धि की चिकित्सा

यदि वृषणकोष में आगे वृद्धि नहीं हो रही है तो केवल खाने वाली औषधि से ठीक हो सकती है । किसी लेप और मरहम लगाने की कोई आवश्यकता नहीं । लँगोट( या ढीला अंडरवियर अथवा सस्पेन्सरी बेन्डेज का उपयोग किया जा सकता है। 

- वैसे वृषणकोष में जल बराबर बढ़ता जा रहा हो अथवा वृषणकोष जल भराव से काफी बड़े हो गये हों तो एकमात्र ऑपरेशन है । 

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• वृषण कोष वृद्धि की औषधि चिकित्सा - इन्जेक्शनों द्वारा चिकित्सा ~


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1. स्ट्रेप्टो - पेनिसिलिन    -   1/2-1 ग्राम की सुई डिस्टिल्ड वाटर में घोल कर टेस्ट करने के पश्चात प्रतिदिन ठीक होने तक लगावें । 

2 . पेनिड्यूर- L.A. ( Penidure - L.A . ) ( बाइथ )   -   सप्ताह में 1 बार गहरे मांस में लगावें । रोग की अधिकता में इसका L.A. - 12 इन्जे . लगावें । 

3 . लासिक्स ( होचेस्ट )   -   जल भरा होने पर 2 मि . ली . की सुई गहरे में 9 दिन छोड़कर लगावें । 


वृषणकोष वृद्धि में सेवन कराने योग्य पेटेन्ट टेबलेट / कैप्सूल ~



अण्डकोष वृद्धि / वृषणकोष वृद्धि हाइड्रोसील [ Hydrocele ] ~ नाम, परिचय, रोग के कारण, रोग के लक्षण, रोग के लक्षण, रोग के परिणाम एवं उपयुक्त चिकित्सा विधि?   Testicles growth / testicular growth hydrocele [Hydrocele] ~ Name, introduction, causes of disease, symptoms of disease, symptoms of disease, disease outcome and appropriate medical method?

1 . फाइलेरियल जन्य रोग में बेनोसाइड फोर्ट ( वरोज वेल्कम ) 1 टेबलेट दिन में 2 बार जल से । 

2 . बिरेट ( Biduret ) ( विडल सावर ) 1-2 टेबलेट नित्य। साथ में शोथ( सूजन ) पर बोरिक कम्प्रेश । 

3. नैविट्टैक्स ( Navidrex ) हिन्दुस्तान सिवा गैगी - 1-2 टेबलेट प्रतिदिन ।तत्पश्चात् 1/2 टेबलेट या 1 टेबलेट प्रति 2-3 दिन पर दें । 

4 . जीपमिड “ जी . आर . ” ( Xipamid " G.R. " ) जर्मन रेमेडीज प्रारम्भ में 2-3 टेबलेट की 1 मात्रा सुबह दें । तत्पश्चात् घटाकर 1-2 टेबलेट प्रतिदिन ।


मिश्रिम औषधि चिकित्सा ( कम्बीनेशन थेरापी ) ~


1 . ट्रिफोलैक्सिन ( Trifolaxin ) स्टेण्डर्ड -1 टे . या वाईकोलेप्सटेबलेट। ऐसी 1 मात्रा दिन में 2-3 बार दें । इससे 2-3 दस्त आकर पेट साफ हो जावेगा । यह उत्तम जल शोषक है । साथ ही सल्फाडायाजीनटेबलेट , सोडामिण्ट 4 टे .। ऐसी 1 मात्रा जल से दिन में 2-3 बार दें । 

2. सेप्ट्रान 1 टे . , बेनोसाइड फोर्ट 1/2 टे . , सोडामिण्ट 4 टे . , रेस्ट्रिक्लीन कै . 1।  । ऐसी । मात्रा दिन में 2-3 बार दें ।

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