इलेक्ट्रिक करेण्ट लगना [ Shock by Electric Current ] - लक्षण एवं चिन्ह एवं आपातकाल की स्तिथी में क्या उपाय करने चाहिए? Electric shock [Shock by Electric Current] - What are the symptoms and signs and measures to be taken in case of emergency?

इलेक्ट्रिक करेण्ट लगना [ Shock by Electric Current ] 


इलेक्ट्रिक करेण्ट लगना [ Shock by Electric Current ]


नाम


विद्युत दाह । 

परिचय


बिजली के तीव्र करेण्ट के लगने से यह दाह होता है । इसमें हृदय अथवा श्वास सम्बन्धी अन्य समस्या होते हैं । 
बिजली के खुले तारों से शरीर के किसी अंग का स्पर्श होने से इलेक्ट्रिक करेण्ट लगता है । क्योंकि खुले तार और जमीन के बीच शरीर सुचालक ( Good Conductor ) का कार्य करता है ।

 लक्षण एवं चिन्ह ( Symptoms and Signs )


- शरीर में करेण्ट फैलने से रक्तवाहिनियों में रक्त का जमाव ।  

- विभित्र ऊतकों की रक्तपूर्ति बन्द । 

- मस्तिष्क एवं स्नायविक आघात के कारण वक्षस्थल की दीवार एवं डायाफ्राम की पेशीय शक्ति कम होने के साथ ही अंगघात( पैरालिसिस ) । 

- श्वसन क्रिया में रुकावट । 

- हृदय की धड़कन बन्द हो सकती है । 


- शॉर्ट - सर्किट होने से अधिक घातक । तत्काल मृत्यु भी सम्भव । अथवा आघात
( पैरालिसिस ) के कारण शीघ्र बेहोश । 

- कुछ मामलों में विचलित एवं बेचैन । 


आपातकालीन व्यवस्था


व्यक्ति को करेण्ट लगे स्थान से मुक्त करायें । इसके लिये -

1. उसे छुयें नहीं , वरना आपको भी करेण्ट लग जायेगा । 

2. करेण्ट लगे तार के स्विच को तुरन्त बंद कर दें । 

3. व्यक्ति को किसी लकड़ी से छुड़ायें । 

- तत्पश्चात् रोगी को होश में लायें । इसके लिये कृत्रिम श्वास एवं हृदय की मालिश । 

- शक्तिपात की आशंका हेतु रोगी को तत्काल अस्पताल भिजवा दें । 

- अस्पताल पर सर्वप्रथम विद्युत स्तब्धता की चिकित्सा करनी चाहिये । 

- जले हुए स्थानों की मरहम पट्टी ।

आजकल इलेक्ट्रिक करेण्ट से होने वाली दुर्घटनायें दिनों - दिन बढ़ती जा रही हैं । इसलिये कुछ सुरक्षात्मक उपाय आवश्यक हैं ।
- काम करने के दौरान रबर ग्लोब्ज का उपयोग अति आवश्यक ।

- गीले स्थान पर खड़े होकर तार छूकर कार्य न करें । 

- एक ही हाथ से कार्य करें । एक हाथ पीछे रखें अथवा जेब में । ऐसा करने से सर्किट पूरा नहीं हो पायेगा । 

- स्विच बंद करके कार्य करें । लगे फ्यूजों को हटा दें । 

यदि बिजली बन्द हो गई है तो तारों को देखने , सुधारने या उन्हें बदलने की कोशिश बिना किसी विशेष साधन व सहायता के न करें

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