प्रशांतक ( Tranquillizers ) औषधियां क्या हैं ?
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| What are Tranquillizers drugs? |
किसी व्यक्ति के मस्तिष्क को शांति देने वाली औषधि को प्रशांतक कहते हैं । एक शामक औषधि ( sedative ) की भांति प्रशांतक औषधियों से नींद नहीं आती । लेकिन इसके शांतिदायक प्रभाव से व्यक्ति को नींद आ सकती है । अगर सही खुराक दी जाय तो अधिकांश अवसादक व शामक औषधियां प्रशांतक का काम कर सकते हैं,
प्रशांतक औषधि ( Tranquillizers ) परिवार की प्रथम सदस्य फेनोथाइजिन ( Phenothiazine ) नामक औषधि थी । इसे पहली बार 1880 के दशक में संश्लेषित किया गया लेकिन इसकी सामर्थ्य 70 वर्ष तक पता न चल पायी ।
1950 में फ्रांसीसी शोधकर्ताओं ने व्यापक रूप से प्रयोग किया जाने वाला प्रथम प्रशांतक क्लोरप्रोमाजिन ( Chlorpromazine ) संश्लेषित किया ।
क्लोरप्रोमाजिन और उसकी सहयोगी औषधियां मस्तिष्क के उन क्षेत्रों की गतिविधियां मंद कर देती हैं , जो संवेगों से सम्बंधित होती हैं , जैसे - प्रांतस्था , थैलेमस तथा हायपोथैलेमस । इनका शामक असर भी होता है ।
बेंजोडायजेपाइन ( benzodiazepine ) औषधियां हलका प्रशांतक प्रभाव डालती हैं तथा उनमें वेलियम ( valium ) तथा लिब्रियम ( librium ) भी शामिल रहता है ।
प्रशांतक औषधियों का प्रयोग स्कीजोफ्रेनिया तथा चिंता के कारण उत्पन्न तनाव जैसी कई मानसिक बीमारियों के लिये होता है। क्लोरप्रोमाजिन का विशेष रूप से स्कीजोफ्रेनिया के इलाज के लिये प्रयोग किया जाता हैं,
प्रशांतकों को मुंह के रास्ते लिया जाता है तथा वे शरीर के सभी तंतुओं में प्रवेश कर जाते हैं । चिकित्सकों के सामने अभी भी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि प्रशांतक किस तरह असर करता है ।
माना जाता है कि प्रशांतक औषधियां मस्तिष्क की कुछ स्नायु कोशिकाओं के बीच स्नायु संकेतों के संचरण पर असर डालती हैं । उनके अतिरिक्त अवांछित प्रभाव , तंद्रा प्रभाव तथा निम्न रक्तचाप की प्रवृत्तियां भी पैदा करते हैं । इनका असर यकृत पर भी पड़ता है जिससे पीलिया तथा त्वचा पर चकत्ते हो जाते हैं ।
स्नायुक तनाव दूर करने अथवा उच्च रक्तचाप कम करने के लिये डाक्टर प्रशांतक औषधियां देते हैं । यदि लम्बे समय तक प्रशांतकों को अधिक मात्रा में प्रयोग किया जाये तो उन्हें लेने की आदत पड़ जाती है ।
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