एनल्जैसिक औषधियां क्या हैं ? What are analgesic medicines?

एनल्जैसिक औषधियां क्या हैं ? 

एनल्जैसिक औषधियां क्या हैं ? What are analgesic medicines?
analgesic medicines?

एनल्जैसिक एक ऐसी औषधि है जो बिना बेहोशी छाए अथवा पूर्णरूप से अनुभूति शून्य किए बिना ही पीड़ा को कम करती है। 

एनल्जैसिक औषधियां दो प्रकार की होती हैं  -

पहली किस्म की एनल्जैसिक्स मांसपेशियों , हड्डियों अथवा उससे सम्बंधित शारीरिक संरचनाओं में होने वाले दर्द पर असर करती हैं । इन एनल्जैसिक्स को बाह्य प्रभाव डालने वाले अथवा ' हल्के एनल्जैसिक्स ' कहते हैं । इस प्रकार के एनल्जैसिक्स का उदाहरण एस्पिरीन है । 

ऐसीटिलसेलीसिलक अम्ल ( acetylsalicylic acid ) इसका एक सक्रिय घटक है । इसका पहली बार 1899 में संश्लेषण करके निर्माण किया गया था और तब से अब तक एस्पिरीन का भारी व्यावसायिक मात्रा में उत्पादन किया जा रहा है । 

इस समूह के अन्य एनल्जैसिक्स में कोडीन ( codeine ) तथा पैरासिटामोल ( paracetamol ) आते हैं । इनका प्रयोग सिर के दर्द आमवात तथा अन्य शारीरिक दर्दो को दूर करने के लिए किया जाता है । 

दूसरे समूह के दर्द निवारक केन्द्रीय संस्थान पर प्रभाव डालने वाले एनल्जैसिक्स होते हैं । ये दवाइयां काफी तीव्र प्रभावकारी होती हैं तथा इनमें अफीम ( opium ) ( पोस्त के पेड़ का सत ) से निकाला गया सत मिला होता है । 

मार्फीन ( morphine )हिरोइन ( heroin ) इसी किस्म के एनल्जैसिक्स हैं । ये दर्द निवारण मस्तिष्क में पहुंचकर कारटेक्स ( cortex ) तथा थेलेमस ( thalamus ) की गतिविधियों को मंद कर देते हैं । मस्तिष्क के ये दो अंग ही शरीर के पीड़ाग्राही अंगों से संदेश प्राप्त करते हैं । 

ये एनल्जैसिक्स बहुत प्रभावी होते हैं तथा शरीर की मांसपेशी अथवा शिरा में इंजेक्ट किए जाने पर तुरंत ही असर करते हैं । इनका इस्तेमाल केवल चिकित्सकों द्वारा ही कैन्सर , दिल के दौरे तथा हड्डी टूटने अथवा घाव होने जैसी गम्भीर स्थितियों के दौरान तीव्र पीड़ा से राहत दिलाने के लिए किया जाता है । 

एनल्जैसिक औषधियां क्या हैं ? What are analgesic medicines?

दोनों किस्म के एनल्जैसिक्स शरीर पर कई तरह के बुरे प्रभाव डालते हैं । उदाहरण के लिए एस्पिरीन पेट में जलन पैदा कर सकती है , कब्ज कर सकती है तथा अल्सर जैसे गम्भीर रोगों का कारण भी बन सकती है । अगर इसका बहुत अधिक मात्रा में प्रयोग किया गया तो इससे खून की कमी ( anaemia ) भी हो सकती है ।

मार्फीन की वजह से मितली अथवा उल्टी भी आ सकती है लेकिन इस अवांछित असर को उसी के साथ - साथ साइक्लिजिन ( cyclizine ) औषधि देकर दूर किया जा सकता है । लम्बे समय तक प्रयोग किए जाने की स्थिति में मार्फीन तथा उसके समूह की औषधियां रोगी में अपने प्रयोग की स्थायी आदत भी पैदा कर देती हैं । 

एण्टीपायरेटिक्स ( antipyretics ) जैसे कुछ दूसरे एनल्जैसिक्स बुखार कम करने के लिए भी प्रयोग किए जाते हैं ।


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