आंखों के सामान्य रोग कौन से हैं ? What are the common eye diseases?

आंखों के सामान्य रोग कौन से हैं ? 

आंखों के सामान्य रोग कौन से हैं ? What are the common eye diseases?
common eye diseases?

आँखें वे ज्ञानेन्द्रियां हैं जो मनुष्यों तथा अन्य जीव जंतुओं को उनके परिवेश के विषय में सर्वाधिक विस्तृत तथा सही सूचना देती हैं । आंखों की गड़बड़ी तथा रोगों का इलाज करने के लिये नेत्र विशेषज्ञ तथा शल्य चिकित्सक होते हैं । 

नेत्रों के विषय में अध्ययन करने वाले लोगों को नेत्र वैज्ञानिक कहते हैं । वास्तव में नेत्र विज्ञान में आँखों , उनके विकास तथा रोगों का अध्ययन किया जाता है । 

क्या तुम जानते हो कि आंखों के सामान्य रोग कौन - कौन से हैं ??

कंजक्टिवाइटिस ( conjunctivitis ) आंखों की एक आम बीमारी है । आंखों की पुतली तथा पलकों के कंजक्टिवा ( conjunctiva ) में यह रोग जलन पैदा कर देता है । यह एलर्जी ( allergy ) , उत्तेजना अथवा संक्रमण ( infection ) से हो सकता है । 

यूरोप व एशिया में ट्रेकोमा ( trachoma ) नामक कंजक्टिवाइटिस की एक विषाणु किस्म अंधेपन का कारण बन जाती है । 

आंखों के सामान्य रोग कौन से हैं ? What are the common eye diseases?
कंजक्टिवाइटिस ( conjunctivitis ) , by - Tanalai

स्टी ( sty ) नामक आंख का एक अन्य रोग पलक के कोने की एक ग्रंथि पर बुरा प्रभाव डालता है । मोतियाबिंद एक ऐसी बीमारी है जिसमें आंख का लेंस धुंधला अथवा अपारदर्शी हो जाता है जिससे आंख में प्रवेश करने वाली रोशनी में कमी हो जाने के कारण कम दिखाई देने लगता है । 

मोतियाबिंद का इलाज करने के लिये लेंस को शल्य - क्रिया द्वारा निकालना अथवा कृत्रिम लेंस का प्रतिरोपण करना अथवा दृष्टि को ठीक करने वाला विशेष किस्म का चश्मा पहनना पड़ता है । 

आंखों के सामान्य रोग कौन से हैं ? What are the common eye diseases?
Cataract removal surgery

' ग्लुकोमा ' ( glaucoma ) एक ऐसी बीमारी है जिससे पुतली के अंदर दबाव की वृद्धि हो जाती है जिससे आप्टिक नर्व पर इतना दबाव पड़ता है कि वह अंततः नष्ट हो जाती है । 

कम रोशनी में देखने की क्षमता प्रदान करने वाले आंख की ' रोड्स ' ( rods ) नामक विशेष कोशिकाओं को विटामिन ए की कमी नष्ट कर देती है , जिससे रात्रि - अंधता ( nightblindness ) उत्पन्न हो जाती है ।

' रेटिनल डिटेचमेण्ट ' ( retinal detachment ) नामक बीमारी में आंख का दृष्टिपटल ( retina ) रंजित पटल ( choroid ) से अलग हो जाता है । यह बीमारी गिरने , सिर पर चोट लगने अथवा आंख पर कोई अन्य आघात लगने से हो सकती है । 

इसका इलाज शल्य - क्रिया द्वारा किया जाता है । बहुत से रोगियों के दृश्य पटल ( retina ) को पुनः अपनी मूल स्थिति में लाने के लिये लेसर किरणों द्वारा मोड़ दिया जाता है । 

रेटीनाइटिस पिग्मेण्टोसा ( retinitis pigmentosa )
रेटीनाइटिस पिग्मेण्टोसा ( retinitis pigmentosa ), by - Christian Hamel

कभी - कभी रेटीना पर विचित्र धब्बे पैदा हो जाते हैं जिससे कुछ ही समय में व्यक्ति अंधा हो जाता है । इस प्रकार की बीमारी को रेटीनाइटिस पिग्मेण्टोसा ( retinitis pigmentosa ) कहते हैं । इस बीमारी का विश्व में अभी कोई इलाज नहीं है लेकिन अनेक नेत्र विशेषज्ञ इसकी चिकित्सा ढूढ़ने में लगे हुये हैं । 

कोर्निया ( cornea ) की सतह पर पीड़ादायक खरोंच लग जाने को कोर्नियल एब्रेजन ( corneal abrasion ) कहते हैं । यह खरोंच बिना कोई खराब असर डाले हुये अपने आप ठीक हो जाती है । लेकिन अधिक गम्भीर घाव अथवा बीमारी से कोर्निया में कोर्नियल स्कारिन्ग ( corneal scarring ) हो जाता है । 

चूंकि देखने में यह खरोच या तो बाधा उत्पन्न करती है अथवा बिल्कुल ही दृष्टि भंग कर देती है इसलिये इलाज करने के दौरान कोर्निया को निकाल कर उसका प्रतिरोपण कर दिया जाता है । 

स्वस्थ व्यक्तियों को प्रति एक या दो वर्ष के अंदर अपनी आंखों का किसी नेत्र विशेषज्ञ से परीक्षण कराते रहना चाहिये । इन नियमित परीक्षणों से आंख के विकार एवम् रोगों का आरम्भ में ही पता लग जाता है जिससे उनका ठीक उपचार किया जा सकता है ।


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