सीखना व याद करना क्या है ? What is learning and memorization?

 सीखना व याद करना क्या है ?

What is learning and memorization? By - Got credit


सीखना व याद करना मस्तिष्क की याददाश्त पर निर्भर करता है । किसी बात को सीखने व अनुभव करने के बाद उसको याददाश्त द्वारा ही कायम रखा जा सकता है । अनुभव और सीखी हुई बातों को मस्तिष्क द्वारा कायम रखने की क्षमता को ही याददाश्त कहते हैं ।

मनुष्य के जीवन में जो भी छोटी से छोटी या बड़ी से बड़ी घटना घटती है , उसका एक प्रकार का लेखा - जोखा ( Record ) मस्तिष्क में दर्ज हो जाता है । मस्तिष्क में घटनाओं का लेखा - जोखा धीरे - धीरे धुंधला ( Fade ) होता रहता है . इसी को हम भूलना कहते हैं । 

अतः यदि किसी अनुभव और सीखी हुई बात को बार - बार दोहराया जाए तो बार - बार ही उसका मस्तिष्क में प्रभाव होता रहेगा और वे अनुभव और सीखी हुई चीजें हमें याद रहेंगी ।

मस्तिष्क की याददाश्त के विषय में अब तक दो सिद्धांत दिए गए हैं । एक सिद्धांत के अनुसार , याददाश्त एक गतिशील प्रक्रिया है । 

जब कोई भी चीज़ हम सीखते हैं या अनुभव करते हैं , तो उसके फलस्वरूप हमारे शरीर के तन्तुओं में आवेग ( Nerve Impulse ) पैदा होते हैं । ये तन्तु - आवेग हमारे मस्तिष्क में उपस्थित न्यूरोन्स ( Neurons ) पर अपना प्रभाव छोड़ देते हैं और इस प्रकार सीखे हुए अनुभवों का लेखा - जोखा हो जाता है । इस सिद्धांत को काफी मान्यता दी गई है . 

Brain neurons"

दूसरे सिद्धांत के अनुसार अनुभवों और सीखने के फलस्वरूप हुए संवेदन से मस्तिष्क में कुछ स्थाई परिवर्तन हो जाते हैं जो याददाश्त के रूप में रहते हैं । 

कुछ जीवशास्त्रियों के अनुसार मस्तिष्क में उपस्थित न्यूकलिक एसिड ( आर ० एन ० ए ० R.N.A. ) में यादों का लेखा - जोखा होता रहता है । यह देखा गया है कि न्यूरोन्स में आर ० एन ० ए ० ( R.N.A. ) की मात्रा 3 साल की उम्र से 40 साल की उम्र तक बढ़ती है । इन वर्षों में मनुष्य की याददाश्त भी बढ़ती है । 

40 से 55 या 60 वर्ष की उम्र तक न्यूरोन्स में आर ० एन ० ए ० की मात्रा लगभग स्थिर रहती है , इसलिए इस उम्र में लगभग याददाश्त भी स्थिर रहती है । 60 वर्ष के बाद आर ० एन ० ए ० की मात्रा कम होने लगती है और याददाश्त भी कम होने लगती है । 

सीखी हुई बातों या अनुभवों को याद के रूप में कायम रखने का केवल एक ही प्रभावशाली तरीका है और वह है , चीजों को बार - बार दोहराना । याददाश्त को प्रतिबिम्बों ( Images ) द्वारा कायम रखने का दूसरा तरीका भी मनोवैज्ञानिकों ने बताया है । 

यदि किसी घटना या वस्तु की मस्तिष्क में एक तस्वीर बना ली जाए , तो वह चीज बहुत दिनों तक याद रहती है । कुछ बातें सुनने से भी याद रहती हैं , जैसे कई गीत एक या दो बार सुनने से याद हो जाते हैं ।


List of General Knowledge ( GK ) ~

- आदमी बूढ़ा क्यों होता है ? 

- ऐन्टीबायोटिक्स ( Antibiotics ) क्या हैं ?

- विटामिन हमारे लिए क्यों जरूरी हैं ?

- फफूंदी ( Fungus ) क्या होती है ? 

- विषाणु ( Virus ) क्या हैं ? 

- क्या पृथ्वी पर दैत्याकार मनुष्य भी रहते हैं ?

- मलेरिया कैसे होता है ?

- आक्सीजन गैस हमारे लिए किस प्रकार उपयोगी है ?

- गर्म चीजों के छूने से जलन क्यों हो जाती है ?

- लोग गंजे क्यों होते हैं ? 

- सीखना व याद करना क्या है ?

- लोग बौने क्यों होते हैं ?

- लोग बेहोश क्यों होते हैं ?

- नींद में हमारे शरीर में क्या होता है ?

- बिना खाये कितने दिन रहा जा सकता है ?

- सम्मोहन क्या है ? 

- व्यक्ति की याददाश्त क्यों चली जाती है ? 

- प्लास्टिक सर्जरी क्या है ? 

- जीभ स्वाद कैसे बताती है ?


और भी जाने ~

Human - Body ( Chapter ~ 1 ) 

Human - Body ( Chapter ~ 2 ) 

Human - Body ( Chapter ~ 3 )  

Post a Comment

Previous Post Next Post