शरीर का कोई भी अंग सुन्न क्यों हो जाता है ?
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| Why does any body part become numb? By - Esther Max |
जब शरीर के किसी हिस्से जैसे हाथ या पैर में कुछ देर तक रक्त - संचार रुका रहकर दोबारा शुरू होता है , तो एक विचित्र प्रकार की अनुभूति होती है । ऐसा लगता है जैसे शरीर के अन्दर कोई बहुत सी पिन एक साथ हल्के हल्के चुभा रहा है ।
उदाहरण के लिए यदि कोई व्यक्ति अपनी टांग मोड़ कर एक ही स्थिति में बहुत देर बैठा रहे और फिर खड़े होने की कोशिश करे तो कुछ देर तक उस व्यक्ति को महसूस होगा कि उसका पैर सो गया है । जैसे ही रक्त संचार फिर आरम्भ होगा तो पैर में वही परिचित सूइयों की सी चुभन महसूस होगी ।
क्या तुम जानते हो कि यह अनुभूति क्यों होती है ?
हम जानते हैं कि हमारे शरीर की नाड़ियों में रक्त उतनी ही स्वतन्त्रता से बहता है , जिस तरह नली में पानी बहता है । कल्पना करके देखो कि यदि तुम नली को मोड़ दो तो क्या होगा । पानी केवल बूंद - बूंद टपकेगा ।
नाड़ियों में बहने वाले रक्त का सबसे महत्त्वपूर्ण काम यह होता है कि रक्त जिस स्थान से गुजरता है , शरीर के अंगों में वहां से जहरीले फालतू पदार्थ इकट्ठे करके बहता है ।
जब किसी अंग में रक्त - संचार रुक जाता है तो ये जहरीले पदार्थ वहां इकट्ठे हो जाते हैं और तंत्रिका कोशाणु की सक्रियता में बाधा डाल देते हैं । इस तरह इस हिस्से से मस्तिष्क तक संदेश पहुंचने बन्द हो जाते हैं ।
जब टांग दोबारा फैलती है तो रक्त - संचार दोबारा शुरू हो जाता है और हमें सूई चुभने जैसी सनसनाहट की अनुभूति होती है ।
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