मस्तिष्क शोथ / वायरल इन्सेफेलाइटिस [ Viral Encephalitis ] रोग क्या होता है? इसके कारण, लक्षण एवमं उचित चिकित्सा विधि क्या है ? What is cerebral edema / viral encephalitis [Viral Encephalitis] disease? Due to this, what are the symptoms and proper treatment method?

 मस्तिष्क शोथ / वायरल इन्सेफेलाइटिस [ Viral Encephalitis ] 

Viral Encephalitis virus , by - Jensflorian

नाम - 

एनकेफलाइटिस , मस्तिष्क का प्रदाह । ई . लिथार्जिका । 

परिचय - 

एक विषाणु के कारण मस्तिष्क का प्रदाह( inflammation ) , स्लीपी सिकनेस , बढ़ी हुई कमजोरी एवं सुस्ती , गहरी नींद जैसी स्थिति और इसके साथ पेशियों की कमजोरी व पक्षाघात( पायरलिसीस ) इसके विशिष्ट लक्षण हैं । इसे ' स्लीपी सिकनेस भी कहते हैं । 

' पोस्ट - वैक्सीनल इन्सेफेलाइटिस ' - बालकों में कभी - कभी टीकाकरण के कारण उत्पन्न एक जटिलता । 

रोग के प्रमुख कारण - 

रोग का कारण एक वायरस ( Virus ) जिसे अर्बोवायरस ( Arbovirus ) कहते हैं । यह विषाणु का उपसर्ग मात्र जाना जाता है । 

- आर्द्र भूभाग में यह अधिक देखा जाता है । भोजन , आवास और वस्त्र आदि आवश्यक जीवनोपयोगी साधनों से हीन गरीब मनुष्य इसके शिकार होते देखे जाते हैं। 

- युवा व्यक्ति अधिक प्रभावित होते हैं ।


रोग के प्रमुख लक्षण - 

तीव्र शिर : शूल( सिरदर्द ) । 

- गर्दन में अकड़न । 

- अर्धविक्षिप्तता ( पागलपन ) । 

- मस्तिष्क की क्रियाओं में हलचल । 

- नेत्रों में हलचल । 

- अनिद्रा । 

- शरीर पीड़ा ( अंगमर्द ) के साथ तीव्र ज्वर । 

- अचानक शरीर की शक्ति क्षीण ।

- दौरे आना । 

- पेशियों में अकड़न और प्रथरथराहट । 

सन् 1980-82 में रह - रहकर कई बार भारतवर्ष के पूर्वान्चलों में इसका प्रकोप हुआ । उत्तर प्रदेश के देवरिया , गोरखपुर और बस्ती इन जिलों में सैकड़ों मनुष्यों ने चिकित्सा सुविधा के पूर्व ही प्राण त्याग दिये । इसकी  मारकता और तीव्र संक्रामकता का कोई निश्चित कारण नहीं ज्ञात हो पाया है । यह रोग वर्षा और शीत ऋतु में अधिक होता है ।

इन्सेफेलाइटिस के सम्बन्ध में -  

रोग के लक्षणों में कई प्रकार की विशेषतायें देखी जाती हैं । ये लक्षण प्रत्येक रोगी में भिन्न - भिन्न प्रकार के होते हैं । 

- ज्वर एवं संभ्रम ( Confusion ) प्रायः सभी रोगियों में मिलता है । 

- रोग का प्रारम्भ अचानक हो सकता है । 

- आमाशयांत्र विकार या पोलियो के होने का इतिहास मिलना सम्भव है । 

- वमन( उल्टी ) , सर्वांग वेदना( पूरे शरीर मे दर्द ) , व्याकुलता और साधारण से तीव्र ( 105 ° F ) या अधिक ज्वर एवं विषाक्तता के लक्षण पाये जाते हैं । 

- मानसिक लक्षणों में - चेतना में विकार , प्रलाप , रोग से पहले व्यवहार में परिवर्तन , हिस्टीरिया जैसे लक्षण अथवा पूर्ण बेहोशी ( Coma- सन्यास ) आदि होते हैं । 

- किसी - किसी रोगी में रोग के प्रारम्भ में अपस्मार( disorder ) के लक्षण मिलते हैं । 

- श्वास अनियमित होता है । 

- तारा सम्बन्धी परिर्वतन , अर्धागघात( शरीर के आधे भाग को लकवा मार जाना ) , वागाघात ( Aphasia ) आदि लक्षण भी सम्भव । 

मस्तिष्क शोथ का मस्तिष्कावरणशोथ , मस्तिष्क विद्रधि( छाला या फोड़ा ) , अन्तःकपाल अर्बुद( गाँठ ) , यूरीमिया , अल्प रक्त शर्करा आदि से विभेदीकरण( differention ) करना होता है । 

• मस्तिष्क शोथ ( Encephalitis ) की चिकित्सा -

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- कोई विशिष्ट चिकित्सा उपलब्ध नहीं । केवल लाक्षणिक चिकित्सा ही सम्भव ।

- पूर्ण विश्राम , तरल एवं इलेक्ट्रोलाइट्स के सन्तुलन को बनाये रखना ।

- बेचैनी को दूर करने के लिये अवसादक औषधि ( डायजीपाम 10 मि . ग्रा . या सोडियम फीनोबार्बीटोन 20-60 मि . ग्रा . ) । 

- संक्रमण की उपस्थिति में एण्टीबायोटिक्स । 

- स्टिराइड्स का प्रयोग उचित मात्रा में । 

-' कन्वल्शन एवं इण्ट्राक्रेनियल प्रेशर को दूर करने की व्यवस्था ।  

Supportive therapy - Parenteral Diazepam for Seizures ; discharge on Phenobarbital × 6-12 months if sever disease .

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